अगर घूमने फिरने की शौकीन हैं और आपको घूमने को बाइक मिल जाए तो फिर क्या कहना (Walk to the bike then go to these places). मगर फिर आप सोचेंगी कि आखिर बाइक से कहा घूमें, जहां जाकर खुद को रोमांच का एहसास हो, तो आप इस चीज  के लिये परेशान ना हों, क्योंकि आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के नाम बताएंगे जहां जाकर आप अपने इस सफर का आनंद ले सकती हैं.

खारदूंगला रोड से लेह लद्दाख का सफर

अगर आप वाकई में बाइक चलाने की शौकीन हैं, तो अपनी दमदार बाइक उठाइये और निकल जाइये खारदूंगला रोड से लेह लद्दाख के सफर पर. यकीन मानिए इससे ज्‍यादा रोमांचक बाइक ड्राइव आपने पहले कभी नहीं की होगी. आस पास के नजारे और ये घुमावदार रास्‍ते आपको दीवाना बना देंगे. चारों ओर से पहाड़ों से घिरी खारदूंगला रोड अपनी ऊंचाई के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. इस पर से गुजरते हुए आपको खूबसूरत नजारों और बेहतरीन मौसम के मजे के साथ बौद्ध संस्‍कृति को भी करीब से देखने और समझने का मौका मिलेगा. यहां जाने का सबसे अच्‍छा समय अप्रैल से अगस्‍त के बीच है.

स्पीती वैली का नजारा है खास

अब बात हिमाचल प्रदेश की. हिमाचल प्रदेश की स्पीती वैली लद्दाख से ज्यादा दूर नहीं है. बाइक पर स्पीती वैली जाते हुए काजा, टैबो, स्पीती और पीन वैली जैसी कई खूबसूरत जगहें देखने को मिलती हैं. यहां के बस्पा और किन्नौर इलाके में सड़कों के किनारे सेब, खूबानी के पेड़ आपका मन मोह लेंगे. साथ ही आपके साथ चलेगा सतलज नदी का हसीन बहाव, साथ ही बर्फ से ढ़के मंदिरों को देख कर आपके मन को असीम शांति का अनुभव होगा. यहां जाने का सबसे अच्‍छा समय अप्रैल से अक्टूबर तक का माना जाता है.

वालपराई और वाझाचल फॉरेस्ट

यह जगह बाइक राइडिंग के लिए ड्रीम रूट कही जाती है. केरल और तमिलनाडु के बीच से गुजरने वाला ये हसीन रास्‍ता तमिलनाडु के पोलाची को केरला के चालाकुडी को जोड़ता है. यहां बाइक चलाते हुए आप घने और हरे भरे जंगल के खूबसूरत नजारों के बीच से गुजरती हैं. इस क्षेत्र में बहुत ज्यादा बारिश होती है जिसकी वजह से यहां कई छोटे छोटे पर खूबसूरत वाटर फौल्स भी देखने को मिलते हैं. इनमें से सबसे खास है अथिरपाल और वाझाचल के वाटर फौल्‍स. यहां आप साल में किसी भी समय जा सकती हैं.

मुंबई टू गोवा

भारत की व्‍यवसायिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई यानी मायानगरी से गोवा तक बाइक से सफर करना भी काफी मजेदार रहेगा. बाइकिंग के शौकीनों और जानकारों की मानें तो ये रूट अमेरिका के 101 हाइवे से काफी मिलता जुलता है. इस सड़क को देश में समुद्री तटीय इलाकों में बाइक चलाने के लिए सर्वश्रेष्‍ठ माना जाता है. 10 घंटे के इस एडवेंचरर्स सफर में बाइक चलाने के शौकीन बेहद मजे कर सकते हैं. ये रूट कई बौलीवुड फिल्‍मों इस्‍तेमाल किया गया है. यहां बाइक चलाने में सबसे ज्‍यादा मजा आता है अक्टूबर से फरवरी के बीच.

वेस्टर्न अरुणाचल प्रदेश

वेस्टर्न अरुणाचल प्रदेश की सैर भी यादगार बन सकती है. हिमालय की ऊंची चोटियों को देखते हुए बाइक चलाना एक बेहद लुभावना अनुभव साबित हाता है. यहां पर सड़के बहुत अच्‍छी नहीं है जिसके चलते ऊंचे नीचे पहाड़ी रास्तों से गुजरना एक रोमांचक अहसास कराता है. इस एडवेंचर से भरे सफर के दौरान आप बर्फ से ढंकी पतली सड़कों से गुजरते हुए आदिवासी और जनजातीय संस्‍कृति और उनकी एक भिन्‍न जीवन शैली को भी अनुभव कर सकती हैं. यहां जाने का सबसे अच्‍छा समय मार्च से मई और अक्टूबर से नवंबर के बीच का है.

शिलांग से चेरापूंजी

पानी के दो अलग रूपों के लिए मशहूर इन इलाकों के बीच बाइक का सफर सोच कर ही मन में सिहरन होती है. एक ओर जहां शिलांग बर्फ से ढ़की ऊंची पहाड़ियों के लिए जाना जाता है, तो दूसरी ओर चेरापूंजी अपनी लगातार ना रूकने वाली बारिश के लिए मशहूर है. जाहिर है ठिठुराती बर्फ से बारिश की फुहारों के बीच का सफर किसी कहानी के एडवेंचर जैसा ही होगा. हालांकि इस बदलते मौसम में बाइक बहुत ध्यान से चलाने की जरूरत होती है. यहां जाने का सबसे अच्‍छा समय है अक्टूबर से मार्च के बीच.

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