नए साल पर हिमाचल में घूमने के लिए सबसे अच्छी 7 जगह The best 7th place to roam in Himachal on New Year

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हिमाचल प्रदेश खूबसूरत वादियो के लिए पहचान जाता है |  हिमाचल प्रदेश पश्चिमी दिशा में स्थित है। यहाँ का वातावरण बहुत ही शीतल और मनमोहक है। जैसे अन्तर आत्मा को बहुत ही लुभावनी लगती है | यह अक्सर लोग गर्मियों में यहाँ घूमने पसंद करते है।

कितनी अच्छी तरह आप अपने सबसे अच्छे रूप में प्रकृति का वर्णन कर सकते हैं? कभी कभी शब्द कम पड़ता है और हमारी आंखें ही गवाह को समान रूप से प्रकृति के सौंदर्य ईथर अलौकिक शव का सार लिख रहे हैं। यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश में अपने अवकाश के लिए अपने जीवन के महत्वपूंर्ण क्षणों  हमेश यद् आता रहता है। पन्ना हरी घास के मैदान और सदाबहार जंगलों के अलावा, हिमाचल प्रदेश एक मनमोहक वादियो का समावेश स्नेह लोगो का अकॅशरण का केंद्र बना हुआ है । प्राकृतिक बुलंद पहाड़ों, के बीच में समां जैसे अभी इन पहाड़ो की उचाई को पल भर में इस के शिखर पे पहुच जाउ । इस लेख में, आशा करती हूँ कि आप इसे आसानी से हिमाचल प्रदेश के लिए अपनी यात्रा की योजना बनाने में सहायता मिलेगी |

1. शिमला

अगर हम हिमाचल प्रदेश के हिल स्टेशनों की बात करें तो उनमें सबसे पहले नाम शिमला हिल स्टेशन का ही आता है लोग शिमला हिल स्टेशन का नाम सुनते ही उनके रोम-रोम में यह की बादियो का भरपूर आनंद आ जाता है लोग इस हिल स्टेशन का नाम सुनते ही विदेशो से जल्द ही यहां पर आने का प्रोग्राम बना लेते हैं।

लोग यहां पर आकर बहुत ही इंजॉय करते हैं ज्यादातर लोग यहां पर अपनी फैमिली के साथ आते हैं और इस वादियों और यहां की भरपूर ठंड को एंजॉय करने का इंतजार करते हैं शिमला क्षेत्र को हिमाचल का सबसे अच्छा क्षेत्र माना जाता है जो इंजॉय करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

अगर आपको एक खास बात बता दें अगर आप यहां पर आने का पूरा प्लान कर रहे हैं वह भी अपने परिवारों और दोस्तों के साथ हो तो इन चीजों को जरा ध्यान में रख ले शिमला हिल स्टेशन में सबसे ज्यादा आने का समय मई जुलाई में ही आता है और अगर आप इन वादियों में पूरी तरह खो जाना चाहते हैं जैसे बर्फबारी का पूरा भरपूर आनंद लेना चाहते हैं तो नवंबर से जनवरी तक आने का प्रोग्राम बना सकते हैं आपको बता दें शिमला हिल स्टेशन चंडीगढ़ शहर से 120 लगभग किलोमीटर दूर है और अगर आप इसके अलावा दिल्ली मार्ग से यहां पर आने का प्लान बना रहे हैं तो यह 345 किलोमीटर के आसपास की है और आपको इसके साथ बता दें शिमला का हिल स्टेशन में माल रोड तो काफी प्रसिद्ध है।

2.कुल्‍लू

कुल्लू घाटी को पहले कुलंथपीठ कहा जाता था। कुलंथपीठ का शाब्दिक अर्थ है रहने योग्‍य दुनिया का अंत। कुल्‍लू घाटी भारत में देवताओं की घाटी रही है। यहां के मंदिर, सेब के बागान और दशहरा हजारों पर्यटकों को कुल्‍लू की ओर आकर्षित करते हैं। यहां के स्‍थानीय हस्‍तशिल्‍प कुल्‍लू की सबसे बड़ी विशेषता है। कुल्लू की जो हिमालय के करामाती स्वर्ग से कम नहीं। कुल्लू: देवताओं की घाटी, हिमाचल प्रदेश के राज्य में एक खूबसूरत जिला है। घाटी का यह नाम इसलिये पड़ा क्योंकि यह विश्वास है कि एक समय कई हिंदू देवी-देवताओं और दिव्य आत्माओं के लिए घर था। ब्यास नदी के तट पर 1230 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह अपने शानदार प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है। मूलत: कुल-अन्ती-पीठ के रूप में जाना गया, जिसका अर्थ है बसने योग्य दुनिया का सबसे दूर बिंदु। कुल्लू का रामायण, महाभारत, विष्णु पुराण जैसे महान भारतीय महाकाव्यों में भी उल्लेख है। त्रिपुरा के निवासी विहंगमणि पाल द्वारा खोजे गये इस खूबसूरत पहाड़ी स्थल का इतिहास पहली सदी का है। कुल्लू में भरपूर प्राकृतिक सौंदर्य बिखरा पड़ा है, कहीं भी चले जाइए आपको निराश नहीं होना पड़ेगा फिर भी रोरिक कला दीर्घा, ऊरुसवती हिमालय लोक कला संग्रहालय और शाम्बला बौद्ध थंगका कला संग्रहालय देखने योग्य हैं।

3.मनाली

मनाली हिमाचल प्रदेश राज्य में स्थित कुल्लू घाटी का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल होने के साथ ही भारत का प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल भी है। कुल्‍लू से उत्तर दिशा में केवल 40 किलो मीटर की दूरी पर लेह की ओर जाने वाले राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर घाटी के सिरे के पास मनाली स्थित है। लाहुल, स्‍पीति, बारा भंगल (कांगड़ा) और जनस्‍कर पर्वत श्रृंखला पर चढ़ाई करने वालों के लिए यह एक मनपसंद स्‍थान है। मंदिरों से अनोखी चीजों तक, यहां से मनोरम दृश्‍य और रोमांचकारी गतिविधियां मनाली को हर मौसम और सभी प्रकार के यात्रियों के बीच लोकप्रिय बनाती हैं।

4.डलहौज़ी

पश्चिमी हिमाचल प्रदेश में डलहौज़ी नामक यह पर्वतीय स्‍थान पुरानी दुनिया की चीजों से भरा पड़ा है और यहां राजशाही युग की भाव्‍यता बिखरी पड़ी है। यह लगभग 14 वर्ग किलो मीटर फैला है और यहां काठ लोग, पात्रे, तेहरा, बकरोटा और बलूम नामक 5 पहाडियां है। इसे 19वीं शताब्‍दी में ब्रिटिश गवर्नर जनरल, लॉड डलहौज़ी के नाम पर बनाया गया था। इस कस्‍बे की ऊंचाई लगभग 525 मीटर से 2378 मीटर तक है और इसके आस पास विविध प्रकार की वनस्‍पति-पाइन, देवदार, ओक और फूलों से भरे हुए रोडो डेंड्रॉन पाए जाते हैं डलहौज़ी में मनमोहक उप निवेश यु‍गीन वास्‍तुकला है जिसमें कुछ सुंदर गिरजाघर शामिल है। यह मैदानों के मनोरम दृश्‍यों को प्रस्‍तुत करने के साथ एक लंबी रजत रेखा के समान दिखाई देने वाले रावी नदी के साथ एक अद्भुत दृश्‍य प्रदर्शित करता है जो घूम कर डलहौज़ी के नीचे जाती है। बर्फ से ढका हुआ धोलाधार पर्वत भी इस कस्‍बे से साफ दिखाई देता है।

5.धर्मशाला

वैसे हिमाचल के हिल स्टेशनों में ‘धर्मशाला’ का तीसरे पायदान पर नाम आता है पर अगर आपको बता दें, विदेशी लोग शिमला से भी ज्यादा ‘धर्मशाला’ में आना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं इसका मुख्य कारण यह है कि ‘शिमला’ के क्षेत्र में एक ऊपर छोटा सा कस्बा है जिसका नाम ‘अप्पर नड्डी’ है वहां पर मोसम कितना सुहाना रहता है कि लोग यहां की वादियों का भरपूर आनंद उठाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं आपको बता दें यहां ‘धर्मशाला’ के क्षेत्र पर नदी में मौसम का मिजाज कुछ इस प्रकार होता है। अगर 5 मिनट पहले धूप निकली हो तो पता नहीं अगले 5 मिनट में आपको खुली हवा और मौसम में इतना फेरबदल देखने को जल्द ही मिल जाता है कि पर्यटक यहां की सुविधाओं का भरपूर आनंद उठाते हैं और मौसम को काफी इंजॉय भी करते हैं अगर हम ‘धर्मशाला’ के फेमस जगह की बात करें तो यहां डल झील बहुत ही सीमित है जिसे पर्यटक बहुत पसंद करते हैं।

एक खास बात बता दें अगर आप अपने दोस्तों और परिजनों के साथ ‘धर्मशाला’ क्षेत्र में आने का प्लान बना रहे हैं तो इन चीजों को हमेशा ध्यान रखें यहां पर सबसे ज्यादा इंजॉय करने का समय मई जुलाई और अगर आप यहां की सुहाने मौसम के साथ-साथ बर्फबारी का भी पूरा आनंद उठाना चाहते हैं तो नवंबर से जनवरी तक कर यहां पर बर्फबारी इस प्रकार होती है कि पर्यटक यहां पर काफी आनंद लेते हैं और अगर आपको बता दें आप दिल्ली से धर्मशाला आने की सोच रहे हैं तो आपको बता दें दिल्ली से धर्मशाला 520 किलोमीटर के आसपास है और अगर आप दिल्ली से चंडीगढ़ के माध्यम से धर्मशाला हिल स्टेशन पर आ रही हैं तो यह लगभग 12 घंटे का रास्ता है।

6.कुफरी

अनंत दूरी तक चलता आकाश, बर्फ से ढकी चोटियां, गहरी घाटियां और मीठे पानी के झरने, कुफरी में यह सब है। यह पर्वतीय स्‍थान शिमला के पास समुद्री तल से 2510 मीटर की ऊंचाई पर हिमाचल प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित है। कुफरी में ठण्‍ड के मौसम में अनेक खेलों का आयोजन किया जाता है जैसे स्‍काइंग और टोबोगेनिंग के साथ चढ़ाडयों पर चढ़ना। ठण्‍ड के मौसम में हर वर्ष खेल कार्निवाल आयोजित किए जाते हैं और यह उन पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है जो केवल इन्‍हें देखने के लिए यहां आते हैं। यह स्‍थान ट्रेकिंग और पहाड़ी पर चढ़ने के लिए भी जाना जाता है जो रोमांचकारी खेल प्रेमियों का आदर्श स्‍थान है।

7.चंबा घाटी

चंबा घाटी (915 मीटर) की ऊंचाई पर रावी नदी के दाएं किनारे पर है। पुराने समय में राजशाही का राज्‍य होने के नाते यह लगभग एक शताब्‍दी पुराना राज्‍य है और 6वीं शताब्‍दी से इसका इतिहास मिलता है। यह अपनी भव्‍य वास्‍तुकला और अनेक रोमांचक यात्राओं के लिए एक आधार के तौर पर विख्‍यात है।

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