शादीशुदा होना सबसे खूबसूरत चीजों में से एक है जो कभी किसी व्यक्ति के जीवन में होता है। हालांकि, हम सभी अपने विवाह के दौरान स्थान, भोजन, सजावट, स्थल और अतिथि सूची के बारे में बहुत कुछ सोचते हैं, लेकिन जब हनीमून (honeymoon) की बात आती है, तो सबसे अच्छा गंतव्य या जगह चुनने से निश्चित तौर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है हनीमून एक महत्वपूर्ण चरण है जब आप वास्तव में अपने साथी को बहुत अच्छी तरह जानते हैं भारत एक विविध देश है, जिसमें उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक मिश्रित स्थान हैं। चूंकि विस्मयकारी पहाड़ी क्षेत्र रोमांटिक समय बिताने के लिए एक शांत वातावरण प्रदान करते हैं, इसलिए देश के दक्षिणी भाग में सबसे अच्छे पहाड़ी स्टेशन हैं जहां आप अपने आराध्य साथी के साथ अपने जीवन का सबसे अच्छा चरण पा सकते हैं।

शादी के बाद पति-पत्नी का हनीमून पर जाना, एक कोशिश होती है एक दूसरे को समझने की, एक दूसरे के साथ एडजस्ट करने की. अब ऐसे में जिंदगी के इतने खूबसूरत पल को अगर एक खूबसूरत जगह पर जाकर जिया जाए तो क्या कहने. आइए हम आपको बताते है भारत की ऐसी ही 9 जगहों के बारे में जहां आप अपने हमसफर के साथ हनीमून के लिए जा सकते हैं.

1- दार्जलिंग

– दार्जलिंग खूबसूरत रोमांटिक पर्यटन स्थल के नाम से जाना जाता है। यहां की खुशनुमा वादियां आपके हनीमून में चार-चांद लगा देती है। यहां की बर्फ से ढकी ऊंची ऊंची वादिंया है, कल कल करती नदीयां, ऊंचे ऊंचे देवदार के वृक्ष और साथ ही प्रकृति के दिलकश नजारें हमारे मन को मोह लेते है। यहां के सौंदर्य को देखकर लगता है कि मानों प्रकृति ने अपना सारा सौदर्यं यहीं बिखेर दिया हो। बर्फ से ढकी इन वादियों को चांदी की चादर से लपेट दिया हो। यहां पर काफी ऊंचे से सूर्योदय और सूर्यास्त के समय का सबसे मनमोहक दृश्य देखने को मिलता है जिसे देखने के लिये लोग दूर दूर से आते है। दार्जलिंग में सबसे दिलकश नाजारा है विक्टोरिया झरना जो लोगों का मन मोह लेता है इसके अलावा सेनथल झील, ऱॉकगार्डन जिसकी खूबसूरती देख लोग दांतों तले उगलिया दबा लेते है।

दार्जलिंग को पहाड़ो की रानी कहा जाता है
दार्जलिंग को पहाड़ो की रानी कहा जाता है

यात्रा करने के लिए उचित समय : – सितंबर.-अप्रैल. यहाँ की यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा महीना है।
परिवहन: – निकटतम रेलवे स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी से दूर 62km की दूरी पर स्थित है । बागडोगरा हवाई अड्डे से दार्जिलिंग सिर्फ 96km दूर है इसलिए आप सड़क परिवहन के द्वारा लगभग 3 घंटे में पहुंच सकते है।

2- मुन्नार

मुन्नार
मुन्नार

मुन्नार, खिलौना-शहर हिल स्टेशन में “भगवान के अपने देश”-केरल एक आदर्श हनीमून आनंद है। नित्य पहने जीवन की हलचल से अछूता, यह सबसे यादगार समय बिताया और अंतिम विकल्प के लिए हनीमून के लिए छुट्टियों के लिए खातों। यह अपनी चाय उद्यान, झीलों, झरने और सुंदर देश की ओर के लिए जाना जाता है। इस वापसी के दौरान रखी शांत ट्रेल्स पथ कभी लिया टहल अच्छा कर रहे हैं। हालांकि, चाय बागानों के साथ एक काढ़ा में छोटे चाय पीना की दुकानें और खौफ-प्रेरणादायक दृष्टिकोण बॉन्ड और पर और फिर से प्यार में गिर करने के लिए महान आभा प्रदान करते हैं।

यात्रा करने के लिए उचित समय : – यहां जून तक जाने का सही समय हैं
यहां पहुंचने के लिए: निकटतम रेलवे स्टेशन: तेनी (Theni) (तमिलनाडु), लगभग 60 किमी दूर; चेंगनचेरी, लगभग 93 किमी दूर।
निकटतम हवाईअड्डा: मदुरई (तमिलनाडु), लगभग 140 किमी दूर; कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा, लगभग 190 किमी दूर।

3- ऊटी

ऊटी
‘ऊटी’ का नैसर्गिक सौंदर्य

तमिलनाडु का बेहद खूबसूरत और रोमांटिक स्थल ‘ऊटी’ अपने आकर्षित दृश्यों के लिए विश्व विख्यात है। ‘ऊटी’ के दूर तक फैली हसीन वादियां और उन वादियों में ढके आकर्षण वृक्ष ऐसे सुकून देते हैं की जैसे की सारी खुशिया मिली हो। ‘ऊटी’ का नैसर्गिक सौंदर्य, धुंध से ढकी पहाड़ों की चोटियाँ, ओस से भीगी पेड़ों की पत्तियाँ और अनेक ख़ूबसूरत नज़ारों को देखकर मन प्रफुल्लित हो जाता है।’ऊटी’ की झील किसी सितारे से कम नहीं लगती है और इसकी सौंदर्य को देखते ही दिल हरा-भरा हो जाता है। ‘ऊटी’ कुदरत का खूबसूरत जीता जागता उदाहरण है जो अपने सौंदर्य के लिए तो जाना जाता ही है। ब्रिटिश यहाँ की जल, वायु तथा प्राकृतिक सुंदरता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इस स्थान का नाम ऊटी “क्वीन ऑफ़ हिल स्टेशन”रखा। ‘ऊटी’ “चाय”, “हाथ से बनी चॉकलेट”, “खुशबूदार तेल” और “मसाला” के लिए प्रसिद्ध है। और हनीमून स्पॉट के लिए भी प्रसिद्ध है।

‘ऊटी’ देशी विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। ‘ऊटी’ की झील में बोटिंग की अच्छी व्यवस्था है। आप यहाँ घुड़सवारी का आनंद भी उठा सकते हैं। और बच्चे यहाँ खिलौना गाड़ी में बैठकर खूब मस्ती करते हैं। ‘ऊटी’ में “केटी वैली’, “दोड्डाबेट्टा”, “बोटेनिकल गार्डन”, “कालहट्टी झरना”, “वेनलाक डाउंस”, “कोटगिरी पर्वत”, “एल्फ हिल्स”, “एवेलांचे वन” बेहद खूबसूरत स्थल है। यहाँ सुन्दर रिसोर्ट भी है।

यात्रा करने के लिए उचित समय : – पहाड़ी क्षेत्र होने के नाते यहाँ का तापमान गर्मियों में भी 25 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा नहीं होता। अप्रैल से जून तक का मौसम ‘ऊटी’ के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। पश्चिमी घाट पर स्थित ऊटी समुद्र तल से २२४० मीटर की ऊंचाई पर है।
यहां पहुंचने के लिए: ‘ऊटी’ मुंबई से ११६२, दिल्ली से २५५० कि.मी. दूर है। हवाई मार्ग से आने के लिए ‘ऊटी’ के नजदीक हवाई अड्डा कोयंबतुर है। ‘ऊटी’ रेल मार्ग द्वारा अन्य शहरों से जुड़ा हुआ है। ‘ऊटी’ का नजदीक रेलवे स्टेशन कोयंबतूर है। ‘ऊटी’ के लिए बंगलोर, कोचीन, मैसूर, कालीकट और कोयंबतूर आदि स्थानों से नियमित बसें उपलब्ध हैं। ‘ऊटी’ के “फर्नहिल पैलेस”, “लेक व्यू”, “दास प्रकश”, “ताज”, “वुडलैंड”, “मिनी कॉटेज”, “यूथ हॉस्टल”, “तमिलनाडु गेस्ट हाउस” में आसानी से ठहर सकते है।

4- इडुक्की

इडुक्की
इडुक्की

इडुक्की दक्षिण भारत हिल स्टेशनों में से एक है। इडुक्की आर्क बांध प्रतिदिन नजदीक तथा दूर-दराज के बहुत से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह दुनिया का दूसरा और एशिया का पहला आर्क बांध है। बांध कुरूवनमाला तथा कुरूथिमाला पहाड़ियों के बीच पेरियार नदी पर खूबसूरती से बनाया गया है।

यह एक जल विद्युत बिजली स्टेशन है जोकि 5 नदियों, 20 अन्य बांधों, एक भूमिगत विद्युत जनरेटर और भूमिगत सुरंगों का गठन है। इडुक्की आर्क बांध 550 फुट लंबा और 650 फुट चौड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यह चेरूथनी बैराज के समीप इडुक्की वन्यजीव अभयारण्य बांध के निकट स्थित है।

यात्रा करने के लिए उचित समय : – इस जगह का दौरा करने के लिए वर्ष का सर्वश्रेष्ठ समय अगस्त से मार्च तक है, जब पानी पूरी शक्ति से बाहर आता हैं।

यहां पहुंचने के लिए: ‘इडुक्की वन्यजीव अभयारण्य’ तक पहुँचने के लिए रेलमार्ग तथा हवाई मार्ग भी है। थोडुपुझा से कोच्चि लगभग 58 किलोमीटर दूर है। यहाँ का निकटतम रेलवे स्टेशन कोट्टयम लगभग 114 किलोमीटर की दूरी पर है। निकटतम हवाई अड्डा लगभग 140 किलोमीटर दूर पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में मदुरै तथा 190 किलोमीटर दूर कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

5- कोडाईकनाल

कोडाईकनाल
कोडाईकनाल

पलनी की खूबसूरत पहाडि़यों में एक नगीने सा सजा कोडाइकनाल तमिलनाडु का मनमोहक पर्वतीय स्थल है। नैसर्गिक छटा के मध्य अंतरंग पलों की तलाश में निकले हनीमूनर्स हों या स्वास्थ्य लाभ और नई ताजगी के लिए आए सैलानी, सभी को कोडाइकनाल का प्राकृतिक वैभव सम्मोहित करता है। यही कारण है यहां साल भर पर्यटकों का आना लगा रहता है। समुद्रतल से 2133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस जगह की जलवायु सदा सुहानी रहती है और हमेशा एक मीठी ठंड का अहसास बना रहता है। वर्ष 1836 में पहली बार कोडाइकनाल की पहचान वनस्पति व पुष्प प्रेमियों के एक छोटे से स्वर्ग के रूप में हुई थी। ताज्जुब की बात यह है कि यह देश का एकमात्र ऐसा पहाड़ी स्थल है जिसे अमेरिकियों ने खोजा था। 1845 में अमेरिकी मिशनरियों ने यहां एक स्कूल की स्थापना की थी। तब सबसे पहले छह अमेरिकी परिवार यहां आकर बसे थे। उसके कुछ वर्ष बाद यह अंग्रेजों व यूरोपीयों के लिए भी एक आदर्श रिसार्ट बन गया। 20वीं शताब्दी के आरंभ में पूरी तरह सड़क मार्ग से जुड़ने के बाद यह स्थल अन्य सैलानियों को भी आकर्षित करने लगा।

यात्रा करने के लिए उचित समय : – कोडाइकनाल दक्षिण भारत में तमिलनाडु के प्रसिद्ध शहर मदुरै के निकट स्थित है। समुद्रतल से 2133 मीटर ऊंचाई पर स्थित इस पर्वतीय स्थल का क्षेत्रफल 21.5 वर्ग किमी है। बारिश को छोड़ यहां हर मौसम में जाया जा सकता है। यहां की जलवायु के अनुसार हल्के ऊनी वस्त्र साथ रखना ठीक रहता है।

यहां पहुंचने के लिए:- वायुमार्ग: 107 किमी दूर मदुरै और 138 किमी दूर कोयंबटूर यहां के लिए निकटतम हवाई अड्डे हैं, जहां से टैक्सी आसानी से उपलब्ध हो जाती है।
रेलमार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन कोडाइकनाल रोड स्टेशन है किंतु मदुरै अधिक सुविधाजनक है।
सड़क मार्ग: मदुरै, कोडाइकनाल रोड, डिंडिगुल कोयंबटूर, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई और बंगालुरू से कोडाइकनाल जाने के लिए नियमित बस व टैक्सी सेवा उपलब्ध है।
कहां ठहरें
इस पहाड़ी सैरगाह में ठहरने के लिए अच्छे होटलों का कोई अभाव नहीं है। होटल तमिलनाडु, कोडाई रेसार्ट होटल, कोडाई इंटरनेशनल, स्टलिंग वैली व्यू, होटल क्लिफ्टोन, ताज विला वैगाई होटल, होटल पैलेस, इंटरनेशनल टूरिस्ट लॉज आदि कुछ प्रमुख होटल हैं।

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